You are not Your mind.

enlightenment… is simply your natural state of felt oneness with Being. Being can be felt, but it can never be understood mentally. The word Being explains nothing, nor does God. Being, however, has the advantage that it is an open concept. It does not reduce the infinite invisible to a finite entity. It is impossible to form a mental image ...

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Pranayama / प्राणायाम

प्राणायाम = प्राण + आयाम। इसका का शाब्दिक अर्थ है – ‘प्राण (श्वसन) को लम्बा करना’ या ‘प्राण (जीवनीशक्ति) को लम्बा करना’। (प्राणायाम का अर्थ ‘स्वास को नियंत्रित करना’ या कम करना नहीं है।)प्राण या श्वास का आयाम या विस्तार ही प्राणायाम कहलाता है।यह प्राण -शक्ति का प्रवाह कर व्यक्ति को जीवन शक्ति प्रदान करता है। प्राणायाम प्राण अर्थात् साँस आयाम याने दो साँसो ...

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5 यम

5 यम अहिंसा सत्य अस्तेय ब्रह्मचर्य अपरिग्रह  

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